Benchmarks
View scores and output across OCR models spanning many document categories.
Want to run these evals on your own documents?
Talk to Salesडिक्टेशन-166
अध्यक्ष जी, भारत में ऐसा नहीं होता है। मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इतने बड़े देश में कई चरणों में मतदान कराए जाते हैं। हर चरण के मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ई.वी.एम को मतगणना तक सुरक्षित रखा जाता है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अब अंतिम चरण का मतदान समाप्त होने के बाद ही एग्ज़िट पोल प्रसारित हो सकते हैं। उसके भी कुछ दिन बाद मतगणना सुबह से शुरू होती है। पहले जब मतपत्रों से चुनाव होते थे तब रुझान आने में शाम हो जाती थी और नतीजे साफ़ होते-होते काफ़ी वक़्त लगता था मगर अब ई.वी.एम के चलते दोपहर तक रुझान स्पष्ट हो जाते हैं और शाम तक नतीजे भी लगभग पता चल जाते हैं। महिलाओं की चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी का विश्लेषण एक पिरामिड मॉडल के रूप में किया जा सकता है। इसमें सबसे ऊपर लोकसभा में उनकी 1952 में मौजूदगी, 22 सीट, को रखा जा सकता है जो 2014 में 61 तक आ गई है। यह वृद्धि 36% है। लेकिन लैंगिक भेदभाव अब भी भारी मात्रा में मौजूद है और लोकसभा में 10 में से नौ सांसद पुरुष हैं। 1952 में लोकसभा में महिलाओं की संख्या 41.4% थी जो 2014 में क़रीब 11% है। लेकिन यह अब भी वैश्विक औसत 20% से कम है। चुनावों में महिलाओं को टिकट न देने की नीति न सिर्फ़ राष्ट्रीय पार्टियों की है बल्कि क्षेत्रीय पार्टियां भी इसी राह पर चल रही हैं। और इसकी वजह बताई जाती है उनमें 'जीतने की क्षमता' कम होना, जो चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण है।//
उपाध्यक्ष महोदय, जो महिलाएं पार्टी के अंदरूनी ढांचे में उपस्थिति दर्ज करवाने में कामयाब रही हैं उन्हें भी नेतृत्व के दूसरे दर्जे पर धकेल दिया गया है और वह 'शीशे की छत' को तोड़ पाने में नाकामयाब रही हैं। वह राजनीतिक दलों में नीति और रणनीति के स्तर पर बमुश्किल ही कोई महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और अक्सर उन्हें 'महिला मुद्दों' पर निगाह रखने का काम दे दिया जाता है, जिससे कि चुनावों में पार्टी को फ़ायदा मिल सके।///
सभापति महोदय, 90 के दशक में भारत में महिलाओं की चुनावों में भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी देखी गई। इस साल हुए आम चुनावों में आज तक की सबसे ज़्यादा महिला मतदाताओं की भागीदारी देखी गई। चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी 1962 के 46.16% से लगातार बढ़ी है और 2014 में यह 65.17% हो गई है, हालांकि 2004 के आम चुनावों में 1999 के मुक़ाबले थोड़ी गिरावट देखी गई थी। 1962 के चुनावों में पुरुष और
www.shorthandonline.com *
fb/shorthandonlinepage*
Youtube/shorthand online*
संकलनकर्ता:- राजन निकास, महेन्द्र शर्मा, एवं अंकित विश्नोई
Copyright ©by Shorthand Online
All rights are reserved. No part of this document may be reproduced stored in a retrieval system of transmitted in any form or by any means, electronic, mechanical photocopying, recording or otherwise, without prior permission of Shorthand Online.