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Page 1

Class 9

कृतिका – Chapter 3: रीढ़ की हड्डी

हिंदी

3) वह शारीरिक रूप से भी समर्थ नहीं है। वह शरीर से कमजोर, झुककर तथा उससे तन कर भी बैठा भी नहीं जाता।

6. शंकर जैसे लड़के या उमा जैसी लड़की – समाज को कैसे व्यक्तित्व की जरूरत है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

उत्तर:- समाज में आज उमा जैसे व्यक्तित्व, स्पष्टवादिनी तथा उच्च चरित्र वाली लड़की की ही आवश्यकता है। ऐसी लड़कियाँ ही गोपाल प्रसाद जैसे दोहरी मानसिकता रखने वाले, लालची और ढोंगी लोगों को सबक सिखा सकती है। ऐसी लड़कियों से ही समाज और देश प्रगति कर पाएगा जो आत्मविश्वास से भरी तथा निडर हो।

इसके विपरीत शंकर जैसे लड़के समाज के लिए निरुपयोगी है। शंकर जैसे व्यक्ति समाज को कोई दिशा नहीं प्रदान कर सकते हैं।

7. 'रीढ़ की हड्डी' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:- जिस प्रकार मानव में रीढ़ की हड्डी महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। ठीक उसी प्रकार वैवाहिक रिश्तों में लड़का और लड़की रीढ़ की हड्डी के समान होते हैं। उनके स्वस्थ रिश्ते पारिवारिक शांति, अपनापन और समृद्धि के कारण बनते हैं। इस पाठ के जरिए यही बताने का प्रयास किया गया है कि नर और नारी दोनों में ही समानता होनी चाहिए। नारी को कमतर समझ कर हम एक प्रगति शील समाज की कल्पना नहीं कर सकते। अतः यह उचित शीर्षक है।

8. कथा वस्तु के आधार पर आप किसे एकांकी का मुख्य पात्र मानते हैं और क्यों?

उत्तर:- इस कहानी में कई पात्र है परन्तु सबसे सशक्त पात्र बनकर जो उभरता है वह उमा ही है। उमा की उपस्थिति भले थोड़े समय के लिए थी परन्तु उसके विचारों से प्रभावित हुए बिना हम नहीं रह पाते हैं। वह हमें बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर करती है। उसकी उपस्थिति नारी-समाज को एक नई सोच और दिशा प्रदान करती है।

9. एकांकी के आधार पर रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:- रामस्वरूप – आधुनिक और प्रगतिशील विचारधाराओं से संपन्न परन्तु एक मजबूर पिता हैं। वे एक तरफ़ तो स्त्री-शिक्षा के समर्थक है परन्तु बेटी के विवाह के समय यही शिक्षा वे छिपाने का प्रयास करते हैं जिससे उनकी विवशता तथा कायरता झलकती है।

रामगोपाल – रामगोपाल निहायती चालक, बड़बोले – लालची और पढ़े-लिखे होने के बावजूद स्त्री-पुरुष की समानता में अविश्वास रखनेवाले व्यक्ति के रूप में उभरते हैं। इसी कारणवश वे अपने मेडिकल में पढ़ने वाले बेटे का विवाह कम पढ़ी-लिखी लड़की से करवाना चाहते हैं। वे विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को भी बिजनेस मानते हैं इससे उनका लालची स्वभाव पता चलता है।

10. इस एकांकी का क्या उद्देश्य है? लिखिए।

उत्तर:- रीढ़ की हड्डी एक उद्देश्यपूर्ण एकांकी है। इस एकांकी के उद्देश्य निम्नलिखित हैं –

1) यह एकांकी स्त्री-पुरुष समानता की पक्षधर है।

2) लड़कियों के विवाह में आने वाली समस्या को समाज के सामने लाना।